धर्मशाला कॉलेज में छात्रा की मौत, परिजनों ने तीन छात्राओं और प्रोफेसर पर लगाए गंभीर आरोप

धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश): डिप्रेशन में रहने वाली एक छात्रा की मौत के बाद उसके परिजनों ने धर्मशाला कॉलेज की तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उनकी 19 वर्षीय बेटी के साथ मारपीट, डराने-धमकाने और अश्लील हरकतें की गईं, जिससे वह मानसिक रूप से भयभीत हो गई थी। इसके कारण उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धर्मशाला थाने में बीएनएस की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने कॉलेज जाकर आरोपी छात्राओं और प्रशासन से पूछताछ की थी। मामले की जांच अभी जारी है।

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मृतक छात्रा पिछले वर्ष प्रथम वर्ष की छात्रा थी और परीक्षा में फेल होने के कारण द्वितीय वर्ष में दाखिले की मांग कर रही थी। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार फेल छात्र को अगली कक्षा में दाखिला नहीं दिया जा सकता। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि उन्हें परिजनों की ओर से कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं मिली।

इस घटना पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने दुःख व्यक्त किया और उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, शिमला में प्रदर्शन भी हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है और दलितों के खिलाफ कार्रवाई गंभीर नहीं है।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी धर्मशाला में छात्रा की मौत पर शोक व्यक्त किया और हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन देकर उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की।

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