
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शिक्षकों की आवारा कुत्तों की गिनती वाले बयान पर बवाल मचा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शिक्षा निदेशालय (डीओई) की शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और गुमराह करने वाली जानकारी के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इस कंटेंट का मकसद भ्रम फैलाना था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और नेताओं को घेरा है। शिक्षा मंत्री सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी के बेरोजगार नेताओं के पास झूठ बोलने और झूठ फैलाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं बचा है, उन्होंने शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए एक सर्कुलर को पढ़कर कहा कि सभी स्कूल के प्रमुख और स्टेडियम के इंचार्ज उनमें आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा, उन्होंने कहा कि इस सर्कुलर में कहीं भी कोई ऐसी बात नहीं कही गई, जिससे सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा कुत्तों की गिनती करने का मामला बनता हो। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कई टूटे-फूटे स्कूलों की इमारतों का काम आधा अधूरा छोड़कर के आम आदमी पार्टी की सरकार गुम हो गई है। इसके बारे में भी एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल सरकार ने स्कूलों में हैप्पीनेस कार्यक्रम चलाया था। इसके तहत विज्ञापन पर 20 करोड़ 87 लाख रुपए खर्च किए गए थे। शिक्षा मंत्री सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने देशभक्ति कार्यक्रम चलाया था। उस कार्यक्रम पर 16 करोड रुपए खर्च किए गए थे, जबकि 11 करोड़ से ज्यादा रुपए विज्ञापन में खर्च कर दिए गए थे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल में टीचर कई तरह के काम करते हैं। साथ ही कल्चरल, एक्टिविटी से लेकर के एग्जामिनेशन की चिंता से लेकर के तमाम तरह के काम करते हैं। इन कामों को करने के लिए स्कूल प्रमुखों द्वारा जिम्मेदारियां दी जाती हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अगर स्कूल के प्रमुख ने एक नोडल ऑफिसर को नियुक्त किया है कि स्कूल में आवारा कुत्तों का प्रवेश न होने पाए, क्योंकि शहर में आवारा कुत्ते का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। इन आवारा कुत्तो द्वारा बच्चों को स्कूलों में काटने का कोई मामला सामने न आए, इसके लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति होनी बेहद जरूरी है, ताकि स्कूलों में आवारा कुत्तो के आतंक से बच्चों को बचाया जा सके, लेकिन कुत्तों की गिनती करने में शामिल कैसे कर सकते हैं।















