रायबरेली बैंक ऑफ बड़ौदा में 9.02 करोड़ का लोन घोटाला, बड़े गैंग की भूमिका की जांच

रायबरेली : बैंक ऑफ़ बड़ौदा की रायबरेली शाखा में हुए 9.02 करोड़ के लोन घोटाले में पुलिस की जांच जारी है। इस दौरान यह सामने आ रहा है कि इस घोटाले में किसी बड़े गैंग का हाथ हो सकता है, जिसने बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया है।

गौरतलब है कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा की रायबरेली मुख्य शाखा में फर्जी दस्तावेजों को लगाकार करीब 9.02 करोड़ का लोन लिया गया और काफ़ी समय बाद अदा नहीं किया गया। इसमें शामिल 48 लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक जितेंद्र सिंह को सौंपी गई है।

बैंक से मिली जानकारी के अनुसार चिन्हित किये गए लोगों ने विगत वर्षों में साज़िश के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा की अलग-अलग ब्रांचों में खाते खोले औऱ उनमें बकायदा एक बैंक के खाते से लाखों रुपये की सैलरी हर माह भेजी जाने लगी। इससे बैंक कर्मचारी भी कुछ नहीं समझ पाए और उक्त खाता धारकों को पर्सनल लाखों रुपये का लोन दे दिया गया। जब लोन की किश्त समय पर जमा नहीं हुई तो बैंक अधिकारियों को फर्जीवाड़े की आशंका हुई। इसके बाद उक्त 48 खाता धारकों की जांच की गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। मुकदमा दर्ज होने के बाद चल रही जांच में पुलिस के साथ बैंक के अधिकारी भी जुटे हुए हैं। पुलिस की जांच में कई साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस पूरे खेल को अंजाम देने में किसी बड़े गैंग का हाथ हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि जो मोबाइल नंबर बैंक में फर्जी आधार कार्ड के साथ अन्य दस्तावेज लगाए गए थे तो वहीं मोबाइल नम्बर सिम लेते समय भी फर्जी आईडी के साथ लगाया गया था। इसकी भी अधिकारी बारीकी से जांच कर रहे हैं। बैंक खातों में लगे मोबाइल नंबरों के आधार पर उक्त गिरोह के बारे में जानकारी जुटाए जाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन किसी भी मोबाइल नंबर की लोकेशन नहीं मिल रही है।

पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार नौवहार ने बताया कि गहराई से जांच की जा रही है,सभी दस्तावेजों की गोपनीय जांच के कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इस फर्जीवाड़े का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा।

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