
- ग्रीन सिटी अवैध घोषित, प्लाटों की खरीद फरोख्त न करने की अपील
- बांदा विकास प्राधिकरण के सचिव ने कई लोगों को जारी की नोटिस
Banda : शहरी क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे प्लॉटिंग के कारोबार पर अब बांदा विकास प्राधिकरण की सख्त नजर गड़ गई है। प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन शर्मा ने अवैध प्लॉटिंग के कारोबार पर सख्त रुख अपनाते हुए कई प्रॉपर्टी डीलरों को नोटिस जारी की हैं, वहीं आम लोगों को भी अवैध प्लॉटों की खरीद फराेख्त न करने की नसीहत दी है। कहा है कि अवैध प्लॉटिंग का क्रय-विक्रय करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।
बांदा विकास प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन शर्मा ने बताया है कि महोबा रोड, नरैनी रोड, तुलसी नगर, बाबा तालाब और सर्किट हाउस के आसपास कई अवैध प्लॉटिंग की साइटें चल रही हैं। बताया कि महोबा रोड व नरैनी रोड में बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को प्लॉटिंग के जरिए लोगों को बेंचा जा रहा है। उन्होंने नरैनी रोड स्थित करीब बीस बीघा क्षेत्रफल में विकसित रानी दुर्गावती ग्रीन सिटी को पूरी तरह से अवैध घोषित करते हुए लोगों को प्लॉटों की खरीद फरोख्त न करने की नसीहत दी है। ऐसे ही सर्किट हाउस व तुलसी नगर बाबा तालाब के आसपास बिना अनुमति के अवैध प्लॉटिंग की गतिविधियां चिन्हित की गई है, जबकि महोबा रोड पर त्रिवेणी चौराहा के पेट्रोल पंप के पीछे करीब 8 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग व निर्माण कार्य पाया गया है। बताया कि बीडीए की टीम को निरीक्षण के दौरान न तो कोई स्वीकृत मानचित्र मिला और न ही अनुमति पत्र ही दिखाया गया। कहा है कि बिना नक्शा पास कराए अवैध तरीके से प्लॉटिंग करने वालों को नाेटिस जारी की गई है और जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के सचिव श्री शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए भारी पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया है। बताया है कि जल्द ही अवैध प्लॉटिंग व कालोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अवैध प्लॉटिंग या कालोनी विकसित करने वालों को अपना पक्ष रखने के लिए 3 दिसंबर को दोपहर 12 बजे बुलाया गया है। अवैध प्लॉटिंग पर 50 हजार रुपए तक जुर्माना और निर्माण जारी रहने पर ढाई हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक दंड का प्रावधान है।
होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज हाल संचालकों को चेतावनी
बांदा विकास प्राधिकरण ने बगैर नक्शा पास कराए संचालित हो रहे होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज हालों के संचालकों को भी सख्त चेतावनी दे दी है। सचिव श्री शर्मा ने बताया है कि शहरी क्षेत्र में संचालित करीब 20 मैरिज हाल संचालकों ने अभी तक नक्शा पास नहीं कराया है। बताया कि इस संबंध में 6 दिसंबर को आवश्यक बैठक बुलाई गई है, जिसमें होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज हाल संचालकों को नियम कानून से रूबरू कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी लोग अपने प्रतिष्ठान का नक्शा पास करा लें, अन्यथा की स्थिति में मैरिज हाल सील कर दिए जाएंगे। बताया कि चेतावनी के बाद भी नक्शा पास न कराने वालों पर धारा 27(1), 28(1) व 28(2) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।










