इंडिया गेट के प्रदर्शनकारियों की न्यायिक हिरासत एक दिसंबर तक बढ़ाई गई

  • दिल्ली पुलिस ने मांगी थी आरोपितों की सात दिनों की हिरासत, मांग खारिज

New Delhi : पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग के लिए इंडिया गेट पर प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार आरोपितों की न्यायिक हिरासत एक दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की आरोपितों की सात दिनों की पुलिस हिरासत की मांग को खारिज कर दिया।

शनिवार ही कोर्ट ने दो आरोपितों की जमानत याचिका पर भी सुनवाई की। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपितों ने रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (आरएसयू) के हैदराबाद के कार्यक्रम में 21 फरवरी को हिस्सा लिया था। प्रदर्शन के दौरान माओवादियों के पक्ष में नारे लगाए गए थे। दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमें इन तथ्यों की पड़ताल के लिए आरोपितों की हिरासत की जरुरत है। उसके बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जमानत याचिकाओं पर नये सिरे से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई एक दिसंबर को होगी।

कोर्ट ने 28 नवंबर को नौ आरोपितों को जमानत दी थी। कोर्ट ने सभी आरोपितों को बीस-बीस हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक इन आरोपितों ने वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दस पुलिसकर्मियों पर मिर्च का स्प्रे फेंका। पुलिस इन आरोपितों के नक्सलियों से संबंध होने की पड़ताल कर रही है। पुलिस के मुताबिक इन प्रदर्शनकारियों ने नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए थे। पुलिस के मुताबिक इन प्रदर्शनकारियों ने माओवादी कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाए जो 76 सीआरपीएफ के जवानों की हत्या के लिए जिम्मेदार था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारियों ने 9 नवंबर को मान सिंह रोड को जाम कर दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक रेडिकल स्टूडेंट यूनियन एक प्रतिबंधित संगठन है। आरोपितों ने सोशल मीडिया पर इस संगठन की प्रशंसा की थी।

इंडिया गेट पर प्रदर्शन के मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करने के मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करने वाले छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी के थे, जो भगत सिंह छात्र एकता मंच और हिमखंड नामक संगठन से जुड़े हुए थे। कुछ आरोपितों की जमानत याचिका पर कल यानि 29 नवंबर को भी सुनवाई होनी है।

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