
हरिद्वार : केंद्र सरकार के आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल नहीं करने पर राजकीय पेंशनर्स ने विरोध जताया है। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेल्फेयर ऑर्गेनाइजेशन ने मार्च निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेल्फेयर ऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले देवपुरा स्थित पंत पार्क में इकट्ठा हुए पेंशनर्स ने 3 नवंबर को जारी भारत के गैजेट नोटिफिकेशन पर चर्चा की और इसे पेंशनर विरोधी बताया। पेंशनर्स पदाधिकारियों का कहना है कि इस बार पेंशन पुनरीक्षण को शामिल नहीं करने से पेंशनर्स में नाराजगी है।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए ऑर्गेनाइजेशन के जिलाध्यक्ष बीपी चौहान और महामंत्री जे पी चाहर ने कहा कि आयोग की घोषणा के बाद और गठन से पहले भारत सरकार द्वारा वित्तीय विधेयक पारित करने पर भी पेंशनर्स को आशंका हुई थी, जिसपर विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी दिया गया था। इस अवसर पर दिए गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री से आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने और पेंशनर संगठनों के विचार जानने की मांग की गयी है।
पेंशन धारकों ने कहा कि 10 लाख करोड़ के संचित पेंशन फंड को किसी दूसरे मद में खर्च करने की सरकार की योजना को देश के पेंशनर सफल नहीं होने देंगें। यदि पेंशन पुनरीक्षण शामिल नहीं किया गया तो वरिष्ठ नागरिक श्रेणी के पेंशनर्स देशव्यापी आंदोलन करेंगे।
इस मार्च की अनेक वयोवृद्ध पेंशनर्स ने अगुआई की, जिनमें जीपीडब्लूओ के संरक्षक वीके गुप्ता, आरडी अग्रवाल, एमके अग्रवाल, हरीश चंद पाण्डेय, अतर सिंह,आर के अस्थाना, मुकुल पाण्डेय, मोहन लाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, दिनकर पंत, सुखवंश सिंह, ब्रजेश शर्मा, डॉ जयवीर राठी, डॉ अशोक शर्मा, प्रताप सिंह, सुरेंद्र मोहन देवलाल, सुरेंद्र शर्मा, मिथन लाल शर्मा लाल शर्मा, विजय शर्मा, सुशीला सैनी, मधु सिंह, मंजू सिंह, आदि शामिल रहे।










