
जयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने सरकार को नाकारा करार देते हुए हर मोर्चे पर विफल बताया। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि “आज देश और प्रदेश की हालत बहुत गंभीर है, इसलिए कांग्रेस की जिम्मेदारी बनती है कि वह सड़कों पर उतरकर जनता को नाकारा सरकारों से अवगत कराए।”
गहलोत ने कहा कि राजस्थान में हालात बद से बदतर हो गए हैं। सड़कें टूटी पड़ी हैं, कानून-व्यवस्था चौपट है, भ्रष्टाचार चरम पर है और कोई सुनने वाला नहीं है। इसके मद्देनजर कांग्रेस ने नवनियुक्त जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 14 दिसंबर को होने वाली महारैली में राजस्थान से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की भागीदारी का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” अभियान के तहत 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं। गहलोत ने चुनाव आयोग के रवैये पर चिंता जताई और कहा कि अगर आयोग सरकार के पक्ष में एकतरफा खड़ा रहा तो लोकतंत्र को खतरा हो सकता है।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर भी गहलोत ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, कच्ची बस्तियों और घुमंतू समुदायों के लोगों को पता नहीं चल पा रहा कि उनका नाम सूची में आएगा भी या नहीं। उन्होंने नोटबंदी और कोविड काल की चुनौतियों की याद दिलाते हुए कहा कि लोगों को हमेशा ही कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है और इस प्रक्रिया में समय पर्याप्त नहीं दिया गया।
कांग्रेस पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठाए जाने पर गहलोत ने कहा कि पार्टी में कोई झगड़ा नहीं है और सभी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में एकजुट हैं। मुख्यमंत्री को लेकर किसी फॉर्मूले की बात भी सही नहीं है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि ऐसे अफवाहों पर ध्यान न दें और वास्तविकता पर भरोसा करें।














