
कोलंबो। श्रीलंका में चक्रवाती तूफान दित्वा से भारी तबाही हुई है। लगातार मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण अलग-अलग हिस्सों में स्थिति गंभीर हो गई है। इस आपदा से मरने वालों की संख्या 69 तक पहुंच गई है जबकि काफी संख्या में लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
इस दौरान कई पुल और सड़कों के बह जाने से स्थिति खराब हुई है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने अधिसूचना जारी कर महत्वपूर्ण सेवाओं बिजली, पेट्रोलियम उत्पादों और गैस, अस्पताल और जलापूर्ति को आवश्यक सेवाएँ घोषित किया है।
डेली मिरर ने मौसम विभाग के हवाले से बताया है कि श्रीलंका में लगातार बना निम्न-दाब तंत्र स्थिर बना हुआ है, जिससे नमी वाली हवाएँ आ रही हैं और बार-बार तीव्र लहरें उठ रही हैं। लगातार मूसलाधार बारिश से तमाम प्रमुख जलाशय भर गए हैं। शुक्रवार को मोरागहाकांडा जलाशय अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुँच गया जिसके बाद इसके स्पिल गेट खोल दिए गए और इसी दौरान मोरागहाकांडा-लग्गाला का विशाल पुल ढह गया। यह पुल मटाले, पोलोन्नारुवा और कुरुनेगला जिलों के बीच संपर्क के रूप में कार्य करता था।

इसी तरह हसलाका क्षेत्र में याहंगला पर्वत के पास हुए भीषण भूस्खलन के बाद 5 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। देश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं और इन घटनाओं की आशंका कम नहीं हुई है।
आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के अनुसार, 16 नवंबर से शुरू हुई आपदा ने अबतक देशभर के 63,000 से ज़्यादा परिवारों के 2,19,286 लोगों को प्रभावित किया है। इस आपदा में अबतक 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 लोग से अधिक लापता हैं।
सरकार ने घोषणा की है कि विदेशों में रहने वाले श्रीलंकाई और विदेशी नागरिक राहत कार्यों में योगदान दे सकते हैं। राष्ट्रपति के मीडिया प्रभाग ने कहा कि निर्दिष्ट बैंक खाते का विवरण विदेशों में श्रीलंकाई राजनयिक मिशनों और श्रीलंका स्थित विदेशी मिशनों में उपलब्ध है।
श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने हाथ बढ़ाते हुए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी ने कोलंबो में राहत सामग्री सौंपी और आगे की कार्यवाही चल रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, उनके प्रति सांत्वना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा है कि भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत भारत संकट की इस घड़ी में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।
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