
Hamas Israel Ceasefire : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद से गाजा में फंसे इजरायली बंधकों की रिहाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। ट्रंप के अधिकतम दबाव और अंतिम चेतावनी के बाद हमास बड़ी शर्तें मानने को तैयार हो गया है, जिसमें सभी इजरायली बंधकों को छोड़ना शामिल है। दुनिया की नजरें इसी पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप की पहल से इजरायल और हमास के बीच चल रहा संघर्ष समाप्त हो पाएगा।
ट्रंप का गाजा को लेकर क्या प्लान?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि, “रविवार शाम 6 बजे तक हमास के साथ समझौता हो जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो परिणाम पहले से बहुत अलग होंगे।” इस चेतावनी के बाद हमास ने भी अपनी सहमति जताई है, और फिलिस्तीनी मिलिशिया संगठन ने ऐलान किया है कि वह ट्रंप की शांति योजना के तहत सभी बंधकों को रिहा करने को तैयार हैं।
हमास-इजरायल के बीच समझौते की शर्तें
72 घंटे के भीतर सभी बंधकों की रिहाई
हमास को जीवित और मृत सभी इजरायली बंधकों को रिहा करना होगा। बदले में, इजरायल को भी सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना पड़ेगा।
युद्धविराम और सैन्य वापसी
अगर दोनों पक्षों के बीच सीजफायर होता है, तो इजरायल को गाजा से अपनी सेनाएं चरणबद्ध तरीके से हटानी होंगी। बदले में, गाजा को रॉकेट और अन्य हमले रोकने होंगे।
बहुराष्ट्रीय फोर्स की तैनाती
सुरक्षा के लिए गाजा में अंतरराष्ट्रीय बहुराष्ट्रीय सैनिकों की तैनाती होगी, जिसमें अरब देशों, अमेरिका और नाटो के सदस्य शामिल होंगे।
प्रशासन का बदलाव
गाजा के प्रशासन को फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेट्स के स्वतंत्र निकाय को सौंपा जाएगा।
हथियारों का निषेध और उग्रवादियों का निरस्त्रीकरण
हमास और दूसरे उग्रवादी संगठनों से सभी शस्त्र हटा लिए जाएंगे। शांतिपूर्ण तरीके से हथियारों को त्यागने वाले सदस्यों को माफ कर दिया जाएगा, और जो सदस्य गाजा छोड़ना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ते से जाने की अनुमति दी जाएगी।
कैदियों की रिहाई
इजरायल 250 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। साथ ही, 7 अक्टूबर 2023 से गिरफ्तार किए गए 1,700 गाजावासियों को भी छोड़ा जाएगा, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।















