
भास्कर ब्यूरो
- घटना स्थानीय राजनीतिक रंजिश और पुराने विवादों का परिणाम मानी जा रही है।
- दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाया, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
- एसडीएम कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे अहम कड़ी साबित हो सकते।
- एसडीएम से किसी कार्य से जिला पंचायत प्रतिनिधि मिलने गये उनके कार्यलय में।
छिबरामऊ, कन्नौज। तहसील कार्यालय में शुक्रवार को एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब अधिवक्ता सचिन बौद्ध और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ओमकार शाक्य के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी, जिसके आधार पर क्रॉस मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। यह घटना स्थानीय राजनीतिक रंजिश और पुराने विवादों का परिणाम मानी जा रही है।
खोजीपुर महुआ नगला निवासी अमित शाक्य ने बताया कि वह ओमकार शाक्य, कृष्णकान्त शाक्य और चालक बृजेश कठेरिया के साथ तहसील आए थे। ओमकार एसडीएम से मिलने उनके कक्ष में गए, जबकि अन्य बरामदे में थे। तभी भैनपुरा निवासी सचिन शाक्य पुत्र कमलेश शाक्य वहां पहुंचे और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य व ओमकार को अश्लील गालियां देने लगे। मना करने पर सचिन ने अपने भाई रिषभ और 3-4 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर अमित, कृष्णकान्त और बृजेश पर हमला कर दिया। अमित का गला दबाया गया, बृजेश को जातिसूचक गालियां दी गईं। शोर सुनकर ओमकार और एसडीएम बाहर आए, तब हमलावर भाग निकले। मारपीट में तीनों को चोटें आईं और अमित की चैन गायब हो गई।

दूसरी ओर, अधिवक्ता सचिन बौद्ध ने दावा किया कि वह तहसील में विधिक कार्य से आए थे। ओमकार ने राजनीतिक रंजिश के चलते 20-30 लोगों के साथ लाठी-डंडों और नाजायज हथियारों से उन पर हमला किया। सचिन को गंभीर चोटें आईं और उनकी छवि धूमिल हुई। अन्य अधिवक्ताओं ने उन्हें बचाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।