
- गर्भवती महिला के साथ मारपीट
- पीड़ित परिवार ने कराया मुकदमा दर्ज
- चार माह के भ्रूण का कराया पुलिस ने पोस्टमार्टम
गाजियाबाद। दहेज लोभी ससुराल द्वारा एक विवाहिता के साथ मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता के परिजनों द्वारा इस मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओ में मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि इस बीच परिवार का आरोप है कि उनकी बहन गर्भवती थी और जिस कारण उसके ससुरालजनों में पेट में लात मारने से गर्भ में पल रहे बच्चे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। लिहाजा पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर भ्रूण का पोस्टमार्टम कराया गया और पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जानकारी के अनुसार पीड़ित अमजद पुत्र इस्लाम कुरैशी निवासी काजी वाली मस्जिद डासना का आरोप है कि मेरी बहिन का निकाह असलम पुत्र कदीर निवासी महुल्ला कुरेशयन कुरैशी वाली मस्जिद कस्बा सिवाल खास थाना जानी खुर्द जिला मेरठ के साथ 12 अक्टूबर 20215 को इस्लामिक रीति रिवाजो के साथ सम्पन हुआ था।
जिसमें मेरे परिवारवालों ने बारातियों के स्वागत, खाने पिने में कीमती सोने जांदी के आभूषणों में करीब 50 लाख रुपये खर्च किये थे। जिसमें करीब 38 तोला सोना, चाँदी करीब 200 ग्राम, एक आल्टो कार, एक बाइक ससुर को तथा नकद 5,21,000/- दिए थे। शादी के बाद मेरी बहन की सौतेली सास परवीन, ससुर कदीर, देवर अशरफ, नन्द सानिया व सालिहा बात बात पर मेरी बहिन के साथ मार पीट करते रहते थे। मेरी बहिन के साथ बार मार पीट होने के कारण कई बार परिवार के लोग ने आपसी समझौता भी कराया जिसके बाद भी इन लोगो के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। मेरी बहन के द्वारा महिला थाना गाज़ियाबाद में इन लोगों के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करवाया था। मुकदमा होने के बाद के बाद काउंसिलिंग के समय मेरी बहिन के पति और ससुराल के लोगो के माफी मांगने पर मेरी बहिन अपने घर को बचाने और अपने तीनो बच्चो अबुजर, अजान और आयात की परवरिश के लिए अपनी ससुराल चली गयी। वर्ष 2021 में मेरी बहिन गर्भवती थी तब बच्चे की डिलीवरी के समय मेरी बहिन के पति और उसके परिवार वालो ने मिल कर मेरी बहिन को बहुत बुरी तरह से मारा पीटा।
जिसकी वजह से मेरी बहन के बच्चे को अंदरुनी गुम चोटे आयी डिलीवरी होने के बाद इलाज मेरी बहन की बच्ची की मृत्यु हो गयी थी। 14अगस्त2025 को समय करीब दोपहर 2 बजे असलान, कदीर, अशरफ, वसीम, शकील, परवीन, सानिया और सलिहा जबरन मेरी बहिन के कमरे में घुस आए और दो लाख रुपये मांगने लगे। मेरी बहिन ने कहा की मेरे माँ बाप और परिवार वालों ने तुम लोगो को इतना सब कुछ दिया यहाँ तक मेरे तीनो बच्चो का जन्म भी मेरे मायके में हुआ है। ये सुन कर ये सभी लोग भड़क गए और सभी लोगो ने जान से मारने की नियत से लाठी डाँडो और लोहे की रोड से मेरी बहन को मारने पीटने लगे। जबकि मेरी बहन 5 माह के गर्भ से है। जैसे तैसे मेरी बहिन ने मेरी अम्मी को फोन किया और कहने लगी की मेरे ससुराल वाले मुझे जान से मार देंगे। जिसके बाद मेरी पत्नी अनम ने 112 नंबर पर पुलिस को फोन किया । जिसके बाद 112 नंबर की पुलिस मेरी बहन के ससुराल पहुंच गयी और उसको इन लोगो से बचाया। पुलिस को देख कर ये सभी लोग वहां से भाग गए। जिसके बाद 112 नंबर की पुलिस ने एक महिला कांस्टेबल को बुलाया वो महिला कांस्टेबल जिसके बाद पुलिस मेरी बहन को ग्राम पांचाली में सरकारी होस्पिटल ले गई और मेरी बहन का मेडिकल करवाया। जब हम परिवार के सदस्य थाना जानी खुर्द पहुंचे तो मेरी बहन ने मुझे बताया कि मेरी ससुराल वालों ने उसके कीमती सोने चांदी के जेवरात भी छीन कर अपने पास रख लिए है और मेरे बच्चे भी जबरन अपने पास रखे हुए है। जानी पुलिस ने मेरी बहन को मेरे सुपुर्द कर दिया। मेरी बहन बहुत ही डरी हुई है इन लोगों ने उसके बच्चे बच्चे भी छीन लिए है।
उसके परिवार का आपराधिक इतिहास है ये सभी लोग दबंग और आपराधिक किस्म के लोग है । जिसके कारण सभी लोगो से मेरी की बहन और मेरे परिवार वालो को जान माल का खतरा बना हुआ है। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि एक पीड़ित युवक द्वारा उसकी बहन के साथ मारपीट और गर्भ में पल रहे बच्चे सहित पेट पर लात मारने और दहेज की मांग करने जैसा मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। हालांकि इस बीच महिला की तबीयत खराब होने के कारण उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पेट में पल रहे 17 हफ्ते के भ्रूण की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेज कर भ्रूण का पोस्टमार्टम कराया गया है और पूरे मामले की जांच पड़ताल कराई जा रही है। सिकायत के आधार पर असलम, परवीन, कदीर,अशरफ, सानिया, सलीहा, असलान, वसीम और शकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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