निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स के साथ समझदारी से निवेश

किसी भी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए बैंकिंग क्षेत्र उसकी जीवनरेखा की तरह है। यह न केवल देशभर में ऋण और वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाता है, बल्कि वित्तीय समावेशन को गति देता है और पूंजी जुटाने का मजबूत माध्यम भी बनता है।

चिंतन हरिया, प्रिंसिपल – इन्वेस्टमेंट स्ट्रेट्जी, आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल एएमसी के अनुसार, बैंकिंग सेक्टर में प्राइवेट बैंक कई पैमानों पर सबसे अलग नज़र आते हैं और लंबे समय के निवेश के लिहाज से भरोसेमंद विकल्प साबित होते हैं।

ज़रा आंकड़े देखें। जून 2025 तक निफ्टी 50 इंडेक्स में प्राइवेट बैंकों का वज़न 28% है, लेकिन FY25 के शुद्ध मुनाफ़े में इनका हिस्सा 37% है। यह अंतर इनके बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। प्राइवेट बैंक लगातार ऊंची लाभप्रदता, जमा और ऋण में मज़बूत वृद्धि, स्वस्थ पूंजी स्थिति और बेहतर एसेट क्वालिटी दिखा रहे हैं।

निवेशकों के लिए इन बैंकों में हिस्सेदारी लेने का आसान तरीका है—निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स फंड, जो लंबे समय के निवेश के लिए बेहतरीन बेंचमार्क है।

क्यों हैं प्राइवेट बैंक आगे?
चार प्रमुख वजहें इन्हें अलग बनाती हैं:

  1. मज़बूत लाभप्रदता:
    प्राइवेट बैंकों की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) लगातार बढ़ी है। FY25 में यह ₹3.5 लाख करोड़ से ऊपर रही, जो FY20 के मुकाबले दोगुनी है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) FY15 में 2.6% से बढ़कर FY25 में 4.6% तक पहुंच गया।
  2. बढ़ता मार्केट शेयर:
    ऋण वितरण में प्राइवेट बैंकों का हिस्सा FY15 के मुकाबले दोगुना होकर FY25 में 36% हो गया। जमा बाज़ार हिस्सेदारी भी इसी अवधि में 16% से बढ़कर 32% तक पहुंच गई।
  3. पूंजी पर्याप्तता:
    RBI ने न्यूनतम 11.7% कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो तय किया है। लेकिन प्राइवेट बैंक FY25 में औसतन 17.29% पर खड़े हैं, यानी नियामकीय शर्तों से कहीं बेहतर।
  4. बेहतर एसेट क्वालिटी:
    गैर-निष्पादित आस्तियां (NPA) लगातार घटी हैं। FY20 में जहां नेट NPA 1.5% था, वहीं FY25 में यह घटकर केवल 0.5% रह गया।
    निवेश का आसान तरीका
    निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स निवेशकों को इस पूरे सेगमेंट में एक्सपोज़र देता है। इसमें मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के आधार पर चुने गए 10 शीर्ष प्राइवेट बैंक शामिल होते हैं और इसे हर छह महीने में रीबैलेंस किया जाता है।
    वैल्यूएशन के लिहाज से भी यह इंडेक्स आकर्षक है। NSE के अनुसार 30 जून 2025 तक निफ्टी प्राइवेट बैंक TRI का PE 18.1 है, जबकि निफ्टी 50 TRI महंगा है—PE 23 पर। इसी तरह PB रेश्यो भी निफ्टी प्राइवेट बैंक के लिए 2.5 है, जबकि निफ्टी 50 का 3.7।
    पिछले 20 सालों में (जुलाई 2005–जुलाई 2025) निफ्टी प्राइवेट बैंक TRI ने 5-वर्षीय रोलिंग रिटर्न में औसतन 17.1% दिया है, जबकि निफ्टी 50 TRI ने 12.3%। यानी लंबे समय में बेहतर रिटर्न। 2016 से CYTD 2025 तक के 10 वर्षों में इस इंडेक्स ने 6 बार निफ्टी 50 को पछाड़ा है।
    खुदरा निवेशकों के लिए, इंडेक्स फंड्स आसान और किफायती साधन हैं। साथ ही SIP के ज़रिये भी इन फंड्स में लंबे समय तक व्यवस्थित निवेश किया जा सकता है।

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