
शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही लगातार जारी है। बीती रात रामपुर, बुशहर के पटवार वृत देवठी अंतर्गत मोपाटा गांव शील प्रोग में भूस्खलन से तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए। तुलसी दास, लेखराज और हरीश कुमार के घरों को नुकसान हुआ, हालांकि किसी को चोट नहीं आई। प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे समेत 560 सड़कें बंद हैं, 936 बिजली ट्रांसफार्मर और 223 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
नेशनल हाईवे और सड़कें बाधित
- एनएच पांच निगुलसरी में भूस्खलन और सड़क में दरारें।
- मंडी-कुल्लू के बीच हणोगी के पास खोती नाला में पहाड़ी से मलबा गिरा, पंडोह पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टला।
- नाथपा सड़क पर भी भूस्खलन हुआ।
नांडी पंचायत में भारी नुकसान
गोहर उपमंडल की नांडी पंचायत में कटवांढ़ी नाले के जलस्तर बढ़ने से छह दुकानों में पानी और मलबा घुस गया, एक कार बह गई। कट स्टोन की इकाई पूरी तरह क्षतिग्रस्त, प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 25-30 लाख रुपये का नुकसान।
मणिमहेश यात्रियों की मौत
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चार और मणिमहेश यात्रियों की मौत हो गई, सभी पंजाब के निवासी। पिछले एक सप्ताह में कुल 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है। भरमौर क्षेत्र में अभी भी लगभग 5,000 यात्री अलग-थलग हैं। शुक्रवार को लगभग 3,500 श्रद्धालु 45 किलोमीटर पैदल चलकर चंबा पहुंचे।
मौसम और स्कूल अवकाश
मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने 30-31 अगस्त के लिए कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 1-2 सितंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और कुल्लू जिलों के सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। बीती रात भटियात में 104.0 मिमी, जोगिंद्रनगर में 86.0 मिमी और रामपुर में 75.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
आपदा प्रबंधन और राहत कार्य
भरमौर-पठानकोट हाईवे लाहड़, केरू पहाड़, तुन्नूहट्टी के समीप बंद है, 200 से अधिक सड़कें प्रभावित। हाईवे बहाल करने का प्रयास जारी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भरमौर में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पहले ही पहुंच चुके हैं और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी राहत कार्य के लिए रवाना हुए हैं।