
देवाल(चमोली) : थराली आपदा के ठीक एक सप्ताह बाद बृहस्पतिवार रात को देवाल के मोपाटा गांव में भारी बारिश ने तबाही मचा दी। देर रात हुए भूस्खलन में एक दो मंजिला मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर 62 वर्षीय तारा सिंह और उनकी पत्नी 55 वर्षीय कमला देवी की मौत हो गई। वहीं पास के एक अन्य मकान और गोशाला को भी नुकसान पहुंचा, जिसमें रह रहे विक्रम सिंह (45) और उनकी पत्नी दुर्गा देवी (40) घायल हो गए।
देर रात हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे अचानक पहाड़ी दरकने से तारा सिंह का मकान मलबे में तब्दील हो गया। पास ही मौजूद विक्रम सिंह और उनकी पत्नी भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। उन्होंने ग्राम प्रधान रूप सिंह कुंवर को फोन कर घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। खराब मौसम और अंधेरे के कारण शवों को निकालना संभव नहीं हो पाया। सुबह बचाव दल मौके पर पहुंचा और घंटों की मशक्कत के बाद दंपती के शव मलबे से बरामद किए गए। घर में पाले गए दो कुत्तों की भी मौत हो गई।
भारी तबाही और मवेशियों की मौत
ग्राम प्रधान ने बताया कि भूस्खलन लगभग 150 मीटर ऊपर से हुआ और अपने साथ 10-12 बड़े पेड़ बहाकर लाया, जिससे नुकसान और बढ़ गया। मृतक के बेटे नंदन सिंह के अनुसार, गोशाला भी मलबे में समा गई, जिसमें 60 बकरियां, एक गाय, दो भैंस और एक बैल की मौत हो गई। साथ ही घर में रखे 70 हजार रुपये नकद, गहने, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी दब गए।
राहत और सहायता कार्य
घायल विक्रम सिंह और दुर्गा देवी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में ही प्राथमिक उपचार दिया। बाद में तहसील प्रशासन और डीडीआरएफ (डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) ने उन्हें देवाल पहुंचाया। एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा जाएगा। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम गांव में ही कराने की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी रास्ता
भूस्खलन के कारण घटनास्थल तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह टूट गया था। ग्रामीणों ने लकड़ी की बल्लियों और तख्तों से अस्थायी रास्ता तैयार किया, जिसके जरिए घायलों को बाहर निकाला गया। इस बचाव कार्य में तहसीलदार अक्षय पंकज, बीडीओ जयदीप बैरवाण, प्रमुख तेजपाल रावत, सीएम कोऑर्डिनेटर दलबीर दानू, दयाल सिंह, माइकल और पशुपालन विभाग की टीम ने सहयोग किया।