गोंडा : मध्यान्ह भोजन पर संकट, तीन लाख बच्चों को नहीं मिल रहा कन्वर्ज़न कास्ट

गोंडा : यूपी के परिषदीय स्कूलों में पाँच माह से एमडीएम मिड-डे मील का कन्वर्ज़न कास्ट का पैसा न मिलने से दो हजार चूल्हे बुझने के कगार पर हैं। कारण यह है कि चार करोड़ 26 लाख की जगह मात्र एक करोड़ 83 लाख रुपये ही बीएसए कार्यालय को मिल पाए हैं। यह धनराशि अब तक स्कूलों को उपलब्ध नहीं हो पाई है। इससे परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना ठप होने जा रही है।

एमडीएम के तहत चावल व गेहूँ सरकार मुहैया कराती है और मसाला, तेल, सब्जी व ईंधन की खरीदारी कन्वर्ज़न कास्ट से करनी पड़ती है। गोंडा में तीन लाख परिषदीय छात्र स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इन्हें नए शिक्षा सत्र में मई से लेकर अगस्त तक कन्वर्ज़न कास्ट नहीं मिला, जिससे स्कूलों की भोजन व्यवस्था बेपटरी हो गई है।

उधारी के सहारे स्कूलों ने भोजन व्यवस्था चलाई, लेकिन अब मध्यान्ह भोजन समितियाँ तकादे से परेशान हैं। प्रधानाध्यापक न तो प्रधानों को और न ही दुकानदारों को जवाब दे पा रहे हैं। दूध व फल का पैसा न आने से पहले ही शिक्षक परेशान थे। 2609 विद्यालयों में से करीब दो हजार से अधिक विद्यालयों में एमडीएम ठप होने की स्थिति बन गई है।

गोंडा को मिला एक करोड़ 83 लाख

गोंडा। परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम के तहत एक करोड़ 83 लाख रुपये मिले हैं। स्कूलों को पैसा भेजने की कवायद शुरू हुई थी, इस बीच बीएसए पर एक मामले में मुकदमा दर्ज हो गया। फाइल पर सीडीओ मैडम अर्चिता जैन ने क्वेरी लगा दी, इसके बाद दोबारा फाइल बनी लेकिन पास नहीं हो पाई। बीएसए अजय कुमार तिवारी अवकाश पर चले गए, जिससे सीडीओ मैडम से बात नहीं हो पाई। कार्यवाहक बीएसए आर.के. सिंह ने बताया कि बीएसए के लौटने पर सीडीओ मैडम से बात करेंगे।


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