
गाजियाबाद : शासन के आदेश और उच्च अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस प्रशासन पूरे अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। इसी क्रम में अवैध रूप से दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए व्यवस्था को बेहतर करने का कार्य किया गया है। इस बीच पुलिस ने गाइडलाइन जारी की है, जिसके अंतर्गत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पटाखों के विनिर्माण, संग्रहण, विक्रय, ऑनलाइन विक्रय तथा उपयोग पर प्रतिबंध के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पटाखों के विनिर्माण, संग्रहण, विक्रय, ऑनलाइन विक्रय तथा उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में प्रभावी होगा।
प्रतिबंध के उल्लंघन पर सजा और जुर्माना
यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन जिलों में पटाखों का विनिर्माण, संग्रहण, विक्रय, ऑनलाइन विक्रय अथवा उपयोग करता हुआ पाया जाता है, तो उसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-15 के तहत निम्नलिखित दंड का सामना करना पड़ सकता है
पाँच साल तक की कारावास की सजा
एक लाख रुपये तक का जुर्माना
या दोनों दंड एक साथ।
इसके अलावा, यदि यह उल्लंघन जारी रहता है तो पहली सजा सुनाए जाने के बाद प्रत्येक दिन के लिए पाँच हजार रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
शिकायत दर्ज करने के लिए संपर्क जानकारी
यदि आपके आस-पास पटाखों का विनिर्माण, संग्रहण, विक्रय, ऑनलाइन विक्रय या उपयोग हो रहा है, तो आप शिकायत यूपी 112 पर दर्ज करा सकते हैं।
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