
जैदपुर, बाराबंकी : नगर पंचायत जैदपुर इन दिनों मनमानी और तानाशाही रवैये के आरोपों से घिरा हुआ है। यहां तालाबों की बोली को लेकर लगातार विवाद गहराता जा रहा है। स्थिति यह है कि नगर पंचायत के तीन तालाबों की बोली की निविदा अखबार में दो बार प्रकाशित हो चुकी है पहली 12 अगस्त को और दूसरी 29 अगस्त को, लेकिन दोनों ही बार नीलामी स्थगित कर दी गई।
शुक्रवार को भी जब नीलामी की तिथि तय थी, नगर पंचायत परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। सभासदों ने जमकर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि अध्यक्ष प्रतिनिधि व अधिशासी अधिकारी ईओ की मनमानी के चलते नीलामी नहीं कराई जा रही है।

नगर पंचायत बोर्ड के सभासद मोहम्मद कासिम, ताहिर अंसारी, अबू सुफियान, मोहम्मद अबसार, मोहम्मद कलीम, शायम मेहदी और शाह आलम का कहना है कि अखबार में दो बार निविदा प्रकाशित होने के बावजूद नीलामी का न होना समझ से परे है। उनका आरोप है कि यह न केवल पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है बल्कि नगर पंचायत को राजस्व हानि भी पहुँचा रहा है।
गुप्त सूत्रों की मानें तो नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अपने चहेतों को तालाब देना चाहते हैं, जिसके चलते लगातार नीलामी टालने का खेल चल रहा है।
इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी राम जनक तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि, बोर्ड के सभासदों ने आपत्ति जताई थी, इसलिए नीलामी को निरस्त करना पड़ा।
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