झांसी : पुलिस ने बरामद किए 50 लाख के मोबाइल, मालिकों को लौटाए तो खिले चेहरे

झांसी : गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश में जुटी झांसी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की सर्विलांस टीम ने जिलेभर से 206 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर जो खुशी झलकी, उसने पुलिस की इस सराहनीय पहल को और खास बना दिया।

शुक्रवार को पुलिस लाइन झांसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी बी. बी. जी. टी. एस. मूर्ति ने बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे। इस मौके पर मोबाइल पाने वाले लोग बेहद भावुक नजर आए और पुलिस का तहेदिल से आभार व्यक्त किया।

लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं
जिन लोगों के मोबाइल गुम हो गए थे, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कभी वे वापस मिल पाएंगे। लेकिन जब पुलिस ने उन्हें उनका ही फोन वापस सौंपा तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने मोबाइल खोने की शिकायत तो दर्ज कराई थी, लेकिन उन्हें यह भरोसा नहीं था कि इतनी जल्दी उनका फोन मिल जाएगा। इस पहल से उनका पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।

पुलिस की पहल पर लोगों ने की जमकर सराहना
मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि यह पहल न केवल विश्वास जगाने वाली है, बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को भी मजबूत करती है। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने कहा कि खोया हुआ मोबाइल सिर्फ एक डिवाइस नहीं होता, बल्कि उसमें उनकी निजी यादें, जरूरी दस्तावेज और महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं। ऐसे में मोबाइल का वापस मिलना उनके लिए अनमोल तोहफे जैसा है।

एसएसपी ने क्या कहा
इस मौके पर एसएसपी बी. बी. जी. टी. एस. मूर्ति ने कहा कि पुलिस का प्रयास है कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा हमारी सर्विलांस टीम लगातार ऐसे गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश करती है और अब तक सैकड़ों फोन बरामद कर लोगों को लौटा चुकी है। यह पहल आगे भी जारी रहेगी। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

50 लाख के मोबाइल बरामद
बरामद किए गए 206 मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर अब जिलेभर में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से पुलिस ने ईमानदारी और मेहनत से काम किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।

झांसी पुलिस की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि पुलिस ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करे तो जनता का विश्वास कई गुना बढ़ जाता है। खोए हुए मोबाइल फोन लौटाकर पुलिस ने न केवल लोगों को खुशी दी, बल्कि भरोसे की वह डोर भी मजबूत की है, जो समाज और पुलिस के बीच बेहद जरूरी है।

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