जालौन : जन सुनवाई में पहुंचे 21 वर्षीय दिव्यांग युवक ने प्रार्थना पत्र देकर पढ़ाई की जताई इच्छा, मांगी सहायता

जालौन : जन सुनवाई के दौरान शुक्रवार को एक अनोखा प्रकरण सामने आया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। उमरार खेड़ा निवासी 21 वर्षीय जीतू पुत्र जनक सिंह जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के समक्ष पहुंचे और प्रार्थना पत्र देकर पढ़ाई की इच्छा जताई।

जीतू की लंबाई महज साढ़े तीन फुट है और अब तक वह कभी स्कूल भी नहीं जा सका। जीतू ने बताया कि बचपन से ही पारिवारिक परिस्थितियां प्रतिकूल रहीं। उसकी मां पैरालिसिस से जूझ रही हैं, जबकि पिता एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल होकर रीढ़ की हड्डी की चोट से पीड़ित हैं। इन परिस्थितियों के चलते वह शिक्षा से पूरी तरह वंचित रह गया।

जीतू ने भावुक होकर कहा कि हाल ही में उसने अखबार में पढ़ा कि मुख्यमंत्री जी की योजना से जिलाधिकारी ने एक बच्ची जानवी की शिक्षा का जिम्मा उठाया है। उसी से प्रेरित होकर वह भी अपने सपनों को पूरा करने की आस लेकर जिलाधिकारी के पास आया है। उसका कहना था कि वह पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता है और जीवन में कुछ करना चाहता है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने उसकी बात ध्यान से सुनी और बीएसए, सीएमओ एवं समाज कल्याण अधिकारी को बुलाकर उसकी सभी व्यवस्था कराई। सुनवाई के दौरान युवक को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश हैं कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसी क्रम में कार्यवाही की जा रही है।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच कर अन्य सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए, ताकि जीतू को पठन-पाठन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। जिलाधिकारी ने मौके पर ही जीतू को कॉपी, किताबें, बैग और यूनिफॉर्म आदि की व्यवस्था भी कराई।

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