
देहरादून : उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिलों में बादल फटने की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है। रुद्रप्रयाग के टेंडवाल गांव में मलबे में दबने से एक महिला की मौत हुई, जबकि 18-20 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में भी बादल फटा, जिसमें पति-पत्नी लापता हैं और दो लोग घायल हो गए। साथ ही 20 मवेशी मलबे में दब गए। टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में भी बादल फटा, लेकिन यहां कोई जनहानि नहीं हुई।

व्यापक नुकसान और बुनियादी सुविधाओं को प्रभावित
रुद्रप्रयाग के जखोली ब्लॉक और भिलंगना, बांगर सहित कई जगहों पर अतिवृष्टि से घर, कृषि भूमि और सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं। कर्णप्रयाग में पहाड़ी से मलबा गिरने से कालेश्वर और सुभाषनगर क्षेत्रों में सड़कें बंद हो गईं। अलकनंदा और पिंडर नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
भिलंगना के गेंवाली गांव में पेयजल और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा। तहसील देवाल के मोपाटा में मकान टूटने से दो लोग लापता हैं और कुछ घायल हुए।
राहत और बचाव कार्य जारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।
रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिलों में राहत एवं बचाव दलों, प्रशासन और ग्रामीणों ने प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और मलबा हटाने का काम जारी रखा है।
जनहानि और नुकसान का हाल
- रुद्रप्रयाग: 1 महिला मृत, 18-20 लोग लापता
- चमोली, देवाल: 2 लोग घायल, पति-पत्नी लापता, 20 मवेशी दबे
- टिहरी, गेंवाली गांव: कोई जनहानि नहीं, कृषि भूमि और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान
- कर्णप्रयाग: मलबा गिरने से सड़कें बंद, घर प्रभावित
प्रशासन की सक्रियता
डीएम और आपदा प्रबंधन अधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में टीम भेजी और ग्रामीणों के सहयोग से राहत कार्य तेज किया जा रहा है। राज्य सरकार ने कहा कि सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं और बंद मार्गों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।