
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगजनों को महिलाओं की तरह स्टांप शुल्क में छूट देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, रेंट एग्रीमेंट पर भी शुल्क में राहत दी जाएगी। 20 हजार रुपये से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए ई-भुगतान अनिवार्य किया गया है।
साथ ही, संपत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा। विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।
भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगजनों को भी महिलाओं के समान स्टांप शुल्क में छूट का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रेंट एग्रीमेंट पर लगने वाले शुल्क में भी छूट देने के निर्देश दिए हैं।
संपत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण लागू करने और विकास प्राधिकरण के आवंटियों की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए सिंगल विंडो से ई-पंजीकरण की सुविधा प्रदान करने के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए।
गुरुवार को स्टांप एवं पंजीकरण विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच जिलों में पायलट प्रोजेक्ट से मिले सकारात्मक अनुभवों के आधार पर अब सभी जिलों में 20 हजार रुपये से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए ई-भुगतान अनिवार्य किया जाएगा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि विभाग की कार्यकुशलता और सेवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। वर्तमान में विभाग में सब रजिस्ट्रार और लिपिकों के 350 से अधिक पद रिक्त हैं।
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