
Harchhath Puja : संतान की लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर माताएं गुरुवार को हलषष्ठी व्रत कीं। इसको लेकर एक दिन पहले बाजारों में व्रत से जुड़े सामानों की खरीदारी कर माताओं ने तैयारी पूरी की। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदेव के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन व्रती महिलाएं सुबह स्नान करके नए वस्त्र पहन कर कुश का पूजन करती हैं। दिन भर भगवान श्रीकृष्ण और उनके बड़े भाई के जीवन से जुड़ी कथाएं सुनाई जाती हैं। बच्चों को प्रसाद वितरित किया जाता है। इस दिन खेत से उगी हुई कोई चीज ग्रहण नहीं की जाती है।
महिलाएं तिन्नी का चावल, नींबू सहित अन्य ऐसे पदार्थ का सेवन करती हैं, जो खेत से उत्पन्न न हुई हूं या जिसको पैदा करने में हल का प्रयोग न हुआ हो। शास्त्रों में इस व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि जो भी माताएं इस व्रत को धारण करके विधि विधान से पूजन करती हैं। उनकी संतान को प्रभु की कृपा प्राप्त होती है और उनकी लंबी उम्र के साथ स्वस्थ और मंगल जीवन की कामना पूरी होती है।