बाराबंकी : सरयू नदी में छोड़े गए पानी से गांवों में भरा सैलाब, प्रशासन ने तेज किए राहत कार्य

बाराबंकी : नेपाल की ओर से सरयू नदी में छोड़े गए चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी के कारण तराई क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालात का जायज़ा लेने के लिए गुरुवार दोपहर संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रामनगर गुंजिता अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बतनेरा स्थित हेतमापुर, सुंदरनगर आदि मजरों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और राहत व बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित ठहराव के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

निरीक्षण दल में तहसीलदार विपुल सिंह, नायब तहसीलदार सैयद तहजीब हैदर, क्षेत्राधिकारी जगत राम कनौजिया, थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद शुक्ला, खंड विकास अधिकारी सूरतगंज देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

संयुक्त मजिस्ट्रेट ने बाढ़ शरणालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और पीड़ितों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और पशुओं की देखभाल की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।

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