
भास्कर ब्यूरो
बरेली। शहर डीडीपुरम में जो जगहें कैफे के नाम से जानी जाती थी। वहां असल में धुएं के छल्ले और जाम के दौर चल रहे थे। बृहस्पतिवार रात पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने इन कैफों पर जबरदस्त छापेमारी की, जो शुक्रवार सुबह तक जारी रही। कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और 10 पुरुषों को हिरासत में लिया गया। वहीं सात हुक्का बार सील कर दिए गए। मौके से नौ हुक्का, 10 बोतल अंग्रेजी शराब और 11 मोबाइल बरामद किए गए।
आबकारी निरीक्षक सुधांशु चौधरी को गुप्त सूचना मिली कि डीडीपुरम में कुछ कैफे हुक्का बार में तब्दील हो चुके हैं। जहां न केवल हुक्का परोसा जा रहा है, बल्कि नाबालिगों को भी शराब मुहैया कराई जा रही है। सूचना मिलते ही टीम तैयार हुई और रात आठ बजे थाना प्रेमनगर पुलिस फोर्स के साथ ऑपरेशन शुरू किया गया।
सबसे पहले दबिश वी-लव कैफे पर पड़ी- जहां से मनी सक्सेना और दानिश सक्सेना को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद डेटली कैफे में छापा मारा गया- जहां से आरती तिवारी, रुचि पासवान, आदित्य शर्मा, अंश तिवारी, अमरजीत समेत कई लोग गिरफ्तार हुए। पुलिस ने जैसे ही एक के बाद एक कैफे पर शिकंजा कसना शुरू किया। वैसे ही आसपास के कई कैफे संचालक अपनी दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए।इस छापेमारी में आरती तिवारी और मनी सक्सेना जैसी महिलाएं भी पकड़ी गईं, जो खुद को रसूखदार बताती थीं। आरती तिवारी भाजपा के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी और अक्सर गले में पार्टी का पट्टा डालकर रौब झाड़ती थी। वहीं मनी सक्सेना भी विवादों में रहने वाली महिला मानी जाती है। जिसने कई लोगों को अपने जाल में फंसा रखा था।
मानुष पारीक, एसपी सिटी -“एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि प्रशासन को गुप्त हेल्पलाइन नंबर पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि थाना प्रेमनगर क्षेत्र के डीडीपुरम में कुछ कैफे अवैध हुक्का बार बन चुके हैं और वहां नाबालिगों को भी शराब परोसी जा रही है। इस पर टीम गठित कर छापा मारा गया और 13 लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।”