
कैसरगंज/बहराइच। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत श्रमिकों की समस्याओं के निवारण और योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए उमेश कुमार तिवारी को बहराइच जिले का नया लोकपाल नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से क्षेत्र में मनरेगा कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
श्रमिकों की समस्याओं के समाधान पर जोर
लोकपाल के रूप में उमेश कुमार तिवारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे मनरेगा श्रमिकों की शिकायतों की सुनवाई करें और उनके निस्तारण में निष्पक्षता सुनिश्चित करें। इसके तहत मजदूरी भुगतान में देरी, काम की गुणवत्ता, फर्जी जॉब कार्ड, अपात्र लोगों को रोजगार देने जैसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और समाधान किया जाएगा।नवनियुक्त लोकपाल उमेश कुमार तिवारी ने कहा कि वह मनरेगा के तहत सभी कार्यों की गहन समीक्षा करेंगे और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता पारदर्शिता सुनिश्चित करना और श्रमिकों को उनका हक दिलाना होगा।
मनरेगा में सुधार की उम्मीद
बहराइच जिले में मनरेगा के तहत कई विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन समय-समय पर गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। कई मामलों में मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिला है, जबकि कुछ जगहों पर बिना काम किए ही फर्जी मजदूरी निकासी की शिकायतें आई हैं। ऐसे में लोकपाल की नियुक्ति से ग्रामीणों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
श्रमिकों ने जताई खुशी
नवीन लोकपाल की नियुक्ति पर मनरेगा से जुड़े श्रमिकों ने खुशी जताया है। उनका कहना है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान जल्द हो सकेगा और मनरेगा में सुधार होगा।
उमेश कुमार तिवारी की नियुक्ति से मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। अब देखना होगा कि उनकी अगुवाई में बहराइच जिले में इस योजना का कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है।