गैर इरादतन हत्या का आरोप सिद्ध, आरोपी को सात साल का कारावास

  • शराब पीने को लेकर हुए विवाद के चलते होटल के कर्मचारी ने कर दी थी साथी की हत्या

झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायधीश कक्ष संख्या एक शक्तिपुत्र तोमर की अदालत ने गैर इरादतन हत्या का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात साल का कारावास और पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। शासकीय अधिवक्ता तेजसिंह गौर ने बताया कि राज बहादुर सिंह ने 15 मई 2018 को पूंछ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका पुत्र धर्मेंद्र उर्फ पीकू झांसी कानपुर राजमार्ग स्थित ॐ सांई नाथ होटल पर कार्य करता था। उसने बताया कि होटल मालिक अबधेश यादव, मुकेश यादव उसके पुत्र की मेहनत का डेढ़ वर्ष से एक लाख अस्सी हजार रुपए नहीं दे रहे थे। इसकी जानकारी उसके पुत्र धर्मेंद्र ने उसे फोन करके बताई थी कि उनके होटल मालिक होटल पर अवैध काम करवाते हैं और उसकी तनख्वाह नहीं दे रहे, उसके साथ मारपीट उत्पीड़न कर रहे। वह इनके काम नहीं करेगा क्योंकि उसे जान का खतरा है। राजबहादुर ने बताया कि अगले दिन सूचना मिली कि उसके पुत्र धर्मेंद्र की हत्या हो गई।

राजबहादुर ने बताया कि उसके पुत्र की हत्या होटल मालिक अबधेश, मुकेश ने कर्मचारियों के साथ मिलकर की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना की। इस दौरान पुलिस को साक्ष्य मिले कि होटल पर काम करने वाले कर्मचारी रज्जन का धर्मेंद्र से घटना वाली रात शराब के नशे में विवाद हुआ था और रज्जन ने उसकी मारपीट कर दी थी। जिससे गंभीर चोट आने पर धर्मेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अन्य दो आरोपी अवधेश ओर मुकेश जांच में निर्दोष साबित हुए। पुलिस ने रज्जन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायलय ने आरोपी रज्जन पर आरोप सिद्ध होने पर उसे सात वर्ष का कारावास ओर पांच हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।

दलित को पीटा, आरोप सिद्ध, नेक चलनी की सजा
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अत्याचार निवारण धीरेंद्र कुमार तृतीय की अदालत ने 24 साल चले एक मुकदमे में दलित को पीटने का आरोप सिद्ध होने पर नेक चलनी की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह, कपिल करोलिया ने बताया कि मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बुखारा निवासी हल्के ने मऊरानीपुर थाने में 18 अक्टूबर 1995 में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके गांव में रहने वाला दबंग चंद्रभान सिंह ने उस पर यह आरोप लगाया था कि हल्के अपने जानवर जान बुझ कर उसके खेतों में घुसेड़ कर उसकी फसल खराब करवाता है। जब इसका हल्के ने विरोध किया तो चंद्रभान ने उसकी मारपीट कर दी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर उसे जेल भेजते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। आज न्यायालय ने आरोप सिद्ध होने पर चंद्रभान को नेक चलनी/6 माह की परिवीक्षा अवधि की सजा सुनाई है।

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