
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय लेते हुए डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की है। इस नई नीति के तहत, भारत सहित कई देशों से आयातित सामान पर उच्च शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने इस उपाय को अमेरिकी व्यापार को संरक्षित करने और अमेरिकी श्रमिकों की नौकरियों की रक्षा के लिए एक कदम बताया है।
ट्रंप के अनुसार, भारत से आयातित वस्तुओं पर 26 प्रतिशत टैरिफ लागू किया जाएगा। वहीं, चीन से आएका सामान 34 प्रतिशत के शुल्क के अधीन होगा। इसकी अतिरिक्त कार्रवाई में कंबोडिया को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हुए 49 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को अन्य देशों द्वारा आर्थिक रूप से लाभ उठाने से रोका जाएगा।
टैरिफ की पूरी सूची के अनुसार
- कंबोडिया: 49%
- बांग्लादेश: 37%
- पाकिस्तान: 29%
- ताइवान: 32%
- इंडोनेशिया: 32%
- जापान: 24%
- दक्षिण अफ्रीका: 30%
- ब्रिटेन, सिंगापुर, और ब्राज़ील: 10%
इस नीति के अंतर्गत ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत और ऑटो पार्ट्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है, जो क्रमशः 3 अप्रैल और 3 मई से लागू होंगे।
ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय का अर्थ है कि अमेरिकी फैक्ट्रियों और नौकरियों की वापसी शुरू होगी। हालांकि, कई आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे करों का पालन उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर भार डाल सकता है, जिससे महंगाई और आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।