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जयपुर के करतारपुरा नाले को पक्का और चौड़ा करने का मामला शुक्रवार को विधानसभा में उठा। भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा उठाया और कहा कि नाले की चौड़ाई 30 मीटर करने से 500 मकान प्रभावित होंगे, जिससे लोग दहशत में हैं।
सराफ ने कहा कि लोकतंत्र में इतनी बड़ी संख्या में मकानों को तोड़ना उचित नहीं है और इसे किसी भी स्थिति में होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि हाईकोर्ट ने नाले की चौड़ाई 30 मीटर करने के निर्देश नहीं दिए, बल्कि इसके दोनों ओर 10-10 मीटर सड़क बनाने का जिक्र किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इलाके में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाए, जिससे वहां रहने वाले लोगों को राहत मिले। उन्होंने बताया कि भाजपा शासन के दौरान अमृत योजना के तहत इस कार्य के लिए 21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे और उन्होंने खुद इसका उद्घाटन किया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह कहते हुए इसे रोक दिया कि जमीन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि 30 कॉलोनियों के लोग बदबू और गंदगी से परेशान हैं और इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
इस पर शहरी विकास एवं आवास (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जवाब देते हुए कहा कि 2018 में हाईकोर्ट ने नाले को पक्का करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि अब तक जो हुआ, उस पर टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन इस संबंध में हाईकोर्ट से संशोधन का आग्रह किया जाएगा ताकि कम से कम लोगों को परेशानी हो। अगर अदालत अनुमति देती है, तो नई योजना बनाकर प्रभावितों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।