
मेरठ। देर रात्रि आयी तेज़ आंधी के कारण गंगानगर थाने में खड़े 150 वाहन स्वाहा हो गए। माल खाने के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में स्पार्किंग होने के कारण यह हादसा हुआ। आग लगते ही पुलिसकर्मियों ने फायर विभाग को सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके अलावा जनपद में कई जगहों पर आग भड़की। कई स्थानों पर पेड़ उखड़े और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई इलाकों से बत्ती भी गुल हो गई। गौरतलब है कि सोमवार रात्रि तेज आंधी आई थी इससे सबसे बड़ा नुकसान गंगा नगर थाने में हुआ यहां थाने के ऊपर से जा रहे बिजली के तार में स्पार्किंग हुई, जिसने मालखाने को अपनी चपेट में ले लिया। देखते-देखते थाने के बाहर रखे जब्त 150 वाहन स्वाहा हो गए। आग पर काबू पाने में पुलिसकर्मियों और दमकल के पसीने छूट गए। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में ईंट-भट्ठों की वजह से भी कई जगह आग भड़की। तेज हवा चलने से आधा दर्जन भट्टों पर आग लग गई। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास भी किया। लेकिन आग और भड़क गई। आंधी रुकने के तुरंत बाद ही दमकल विभाग की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में दौड़ पड़ी। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सीएफओ संतोष राय के मुताबिक देहात क्षेत्र के फफूंडा, रोहटा, कैथवाड़ी, दौराला, खिवाई समेत मंडावरा में स्थित ईंट भट्टों की चिंगारी से उनके पास रखी लकड़ी व झुग्गी में आग लग गई। तेज हवाएं चलने की वजह से आग कुछ ही देर में चारों तरफ फैल गई। जिस वजह से आसपास के गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साहस दिखाते हुए भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों ने आग बुझाने का प्रयास भी किया। लेकिन वे असफल रहे। आंधी बंद होने के बाद दमकल विभाग की टीम मवाना, सरधना व परतापुर स्टेशन से फायर टेंडर व अन्य गाडिय़ां लेकर दौड़ पड़ी। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई गई। हालांकि आग लगने से कोई जनहानि नहीं हुई है। लेकिन झुग्गी व भट्टों के आसपास रखी लकडिय़ां जल गई। आंधी की वजह से जगह-जगह पेड़ गिर गए, जिससे बिजली के तार टूट गए। सड़कों पर आवागमन रुक गया और अधिकांश इलाकों की बत्ती गुल हो गई। मौसम में आए एकाएक बदलाव से सड़कों पर भागमभाग मच गई। देखते-देखते ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। पौन घंटे से अधिक समय तक आंधी ने लोगों की नींद उड़ाए रखी। आंधी की वजह से एहतियातन बिजली काट दी गई। पेड़ गिरने से सदर में दो सहित कुल छह बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। रात में 11.45 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई, हालांकि टूटी बिजली की लाइनों को ठीक करने में रात दो बजे तक बिजलीकर्मी लगे रहे।











