सियासी घमासान : जानिए ‘पीके प्लान’ पर कांग्रेस में चिंतन

कांग्रेस की चिंतन शिविर के पहले जिसका आयोजन राजस्थान में मई में किया जाना है। इस दौरान सोनिया गांधी की ओर से गठित कांग्रेस की आठ सदस्यीय कमिटी ने मंगलवार को प्रशांत किशोर की ओर से बतायी गयी प्लानिंग में काम के मुद्दों पर चर्चा की।

सोनिया की बनायी कमिटी कर रही पीके प्लान पर मंथन

आपको बता दें कि प्रशांत किशोर की ओर से दिए गए प्रजें​टेंशन के बाद इस पर चर्चा के लिए सोनिया गांधी ने जो कमिटी बनायी थी उसमें पी चिदंबरम, अंबिका सोनी, प्रियंका गांधी वाड्रा, दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश, मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने 10 जनपथ पर मिलकर लगातार दूसरे दिन इस विषय पर बैठक की।
इस बीच यह भी खबरें आयी हैं कि कुछ बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को भी बुलाया गया था। इस बीच प्रशांत किशोर के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के सवाल पर इस ग्रुप के एक सदस्य ने यह कहा है कि यह फैसला सोनिया गांधी को ही लेना है।

उनका यह भी कहना है कि प्रशांत किशोर के प्रस्ताव पर मंथन करने के बाद अगले महीने के मध्य तक होने वाले चिं​तन शिविर से पहले फैसला लेना है। तब तक राहुल गांधी भी विदेश दौरे से लौट आएंगे।

गहलोत और बघेल भी आज पहुचने वाले हैं दिल्ली

इस बीच यह भी खबरें आ रही है कि बुधवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। खबरें हैं कि वे दोनों दिल्ली में सोनिया गांधी और आठ सदस्यीय ग्रुप से भी मिलेंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री इस दौरे पर चिं​तन शिविर के आयोजन स्थल के बारे में भी सोनिया गांधी और दूसरे आला नेताओं से चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार यह चिंतन शिविर राजस्थान के उदयपुर में आयोजित हो सकती है।
एक के बाद एक हुई कई बैठकों के बाद ग्रुप के एक सदस्य ने कहा है कि हम पीके की ओर से बताए कई सलाहों पर विचार विमर्श कर रहे हैं। कुछ सुझाव हमारी ओर से भी दिए गए हैं। इसलिए हमने कुछ मुद्दों पर विमर्श के लिए पीके को फिर बुलाया है।

यह पूछे जाने पर कि प्रशांत किशोर कांग्रेस में शामिल होगे उन्होंने बताया है कि हमारा काम है कि जो प्लान हमें दिया गया है उसपर चर्चा करना और सुझाव देना। आगे का कोई भी फैसला कांग्रेस अध्यक्ष ही लेंगी। एक अन्य कांग्रेस नेता ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया है कि प्रशांत किशोर की ओर से कांग्रेस पार्टी को जो प्लान दिया गया है उसमें पार्टी संगठन को जिलास्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पुनर्गठित करने की बात कही गयी है। इस प्ला पार्टी में कम्युनिकेशन सिस्टम और काम करने के तरीकों में सुधार की बात भी गयी है।

कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए बने ठोस रणनीति

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोईली ने मांग की है कि प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा है कि पार्टी को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। इसके लिए एक ठोस एक ठोस रणनीति बनायी जानी चाहिए। मैंने इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखा है और कहा है कि पीके को पार्टी में शामिल करना ही बेहतर होगा। उन्हें पार्टी के लिए सटीक रणनीति बनाने के लिए निर्देश दिया जाना चाहिए।

2024 में भाजपा को मात देने की रणनीति पर हो रहा विचार

यह पूछे जाने पर कि 137 साल पुरानी पार्टी को दोबारा खड़ा होने के लिए एक चुनावी रणनीतिकार की जरूरत पड़ रही है, क्या इसका यह मतलब है कि पार्टी के पास सक्षम नेताओं की कमी है। इस पर उन्होंने कहा कि पार्टी के पास कई सक्षम लीडर है, पर फिलहाल पार्टी को एक ट्रिगर की जरूरत है और पीके इसे हासिल करने में पार्टी की मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास संसाधन हैं पर 2024 के आम चुनावों को देखते हुए उन्हें एक रणनीति के तहत इस्तेमाल करने की जरूरत है तभी हम भाजपा को सरकार बनाने से रोक सकते हैं।

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