कानपुर आयुक्त ने यात्री बन परखी ई-बस सेवा की हकीकत

एमडी सिटी ट्रांसपोर्ट को कमिश्नर ने लापवाही पर निजी सेवा प्रदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिये निर्देश

कानपुर। केंद्र और यूपी सरकार ने चुनिंदा शहरों में इलेक्ट्रिक बसें (ई-बस) सेवाएं शुरू की हैं। जिससे शहर वासियों को किफ़ायती, सुगम और सुविधाजनक यात्रा कर सके। यह सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त डॉ. राजशेेेखर  ने यात्री के रूप में ई-बस सेवाओं की औचक जांच की।कमिश्नर ने वास्तविकता (ग्राउंड रीऐलिटी) की जाँच के लिए दो बस की औचक सवारी की। पहली बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 पर मोतीझील से यूनिवर्सिटी तक और दूसरी बस नंबर यूपी 78 जीटी 3969 पर रामा डेंटल से गोल चौराहा तक।  ई-बसों में अधिक से अधिक लोग यात्रा कर रहे थे। इससे पता चलता है कि ई-बसें लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। चालक उचित गति से बस चला रहे थे। लेकिन यह पाया गया कि वे यात्रियों को लेने और छोड़ने के लिए बसों को सड़क के बीच में रोक रहे थे।

जो यातायात सुरक्षा की दृष्टिकोण से उचित नहीं है। दोनों बसों के चालक सीट बेल्ट नहीं पहने पाए गए। उनमें से एक ने फेस मास्क तो पहन रखा था लेकिन ठुड्डी पर था। अन्य व्यक्ति ने मास्क नहीं पहना हुआ था। इस पर आयुक्त ने दोनों चालकों को एक माह के लिए ड्यूटी से हटाने एवं कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 के एक कंडक्टर ने मास्क नहीं पहना था और वह ड्यूटी के दौरान गुटका (तम्बाकू) खाते हुए भी पाया गया था। वह भी फुल यूनिफॉर्म में नहीं था।बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 के कंडक्टर ने मास्क तो था ठुड्डी पर। इस कंडक्टर ने पहले एक सहयात्री से ₹5 लिए और टिकट जारी नहीं किया। बाद में जब सह-यात्री ने टिकट मांगा, तो कंडक्टर ने ₹5 और लिए और ₹10 का टिकट जारी किया।दोनों मामलों को देखते हुए कमिश्नर ने दोनों कंडक्टरों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का आदेश दिया। ई-बसों के अंदर हेल्पलाइन नंबर केे साथ रूट वाइज और स्टॉप वाइज टिकट शुल्क सूची प्रदर्शित नहीं थी।

आयुुुक्त ने ई-बस के एआरएम को और एमडी सिटी बस सेवाओं दोनों चीजों को प्रदर्शित करें बस की तस्वीरों के साथ एमडी सिटी ट्रांसपोर्ट को कमिश्नर ने आज की औचक जाँच में पाई गई लापरवाही पर निजी सेवा प्रदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर लिखित में रिपोर्ट के निर्देश दिये। 

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