
इमरान हुसैन
रामपुर। मस्जिद शाहजी मियाँ घेर मियां खां मे 15वें रोज़े कुरान मुकम्मल हुआ जिसमे हाफ़िज़ शाहनवाज़ साहब ने रोज़ाना दो पारे तिलावत किये, सामा के फराइज़ हाफ़िज़ नासिर साहब ने अंजाम दिये।
इस दौरान हाफ़िज़ शाहनवाज़ साहब ने रमजान मुबारक की फ़ाज़िलत बयान करते हुए कहा की माहे रमजान को तीन अशरों मे बाटा गया है। जिसमे पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत,और तीसरा अशरा जहन्नुम से निजात दिलाने का है। इस मुबारक महीने मे अल्लाह अपने बंदो पर बेशुमार रहमते नाज़िल करता है,यह माहे मुबारक हमे गुनाहों से बचने की हिदायत देता है अल्लाह अपने बंदो के करीब होता है। इस मुबारक महीने मे अल्लाह ने हमे शबे कद्र भी अता की है इन ताक रातों मे हम सभी मुसलमानो को अल्लाह की ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करनी चाहिए क्यूंकि शबे कद्र के बारे मे कहा गया है की इन ताक रातों मे एक रात ऐसी भी है जो हज़ार रातों से बेहतर है।
हाफ़िज़ शाहनवाज़ ने कहा कि गरीब, मिसकीन ,और आपके आस- पड़ोस और रिश्तेदारों मे जो लोग कमज़ोर हें उनकी मदद करनी चाहिये। ज़कात, फितरे से गरीबों की मदद करनी चाहिये।
सभी मुसलमानो को पांचों वक्त की नमाज़ का पाबंद होना चाहिए इस माहे मुबारक का ये दूसरा अशरा मगफिरत का चल रहा है हम सभी को अल्लाह से ज़्यादा से ज़्यादा अपने गुनाहो से तौबा करना चाहिये।
इस दौरान हाफ़िज़ मोहम्मद अली उर्फ़ गुलवेज़, हाफ़िज़ मोहसिन खान, हाफ़िज़ ज़िया उर्रेहमान, हाफ़िज़ अली मोहम्मद, रज़ा शाह उर्फ़ भइये भाई, हाफ़िज़ फैसल, परवेज़ अली,इमरान खान,आदि मौजूद रहे।










