नक्सली समस्या से निपटने के लिए एक्शन में शिवराज सरकार, जानिए आगे

भोपाल। छत्तीसगढ़ राज्य से लगे मध्यप्रदेश के चार जिलों में नक्सली समस्या से निपटने के लिए शिवराज सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। सरकार के मुताबिक बालाघाट पुलिस रेंज के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी जिलों में विशेष पुलिस बल लगाया जाएगा। जिसमें आदिवासी युवाओं को पांच साल के लिए नौकरी दी जाएगी।

पांच वर्ष के लिए दी जाएगी नौकरी

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने गुरुवार को कहा है कि सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से नक्सल प्रभावित जिलों में विशेष सहयोगी दस्ते का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें पांच वर्ष के लिए नौकरी दी जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा। इस विशेष सहयोगी दस्ते के जरिए बेहतर पुलिसिंग सेवा के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत की जाएगी। गौरतलब है कि आए दिन नक्सली हमलों के कारण सरकार की भी नींद उड़ी हुई है। सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।

पुलिस दस्ते में शामिल ये लोग

क्षेत्र के मुताबिक बालाघाट में 80, मंडला में 30 और डिंडौरी में 40 आदिवासी युवाओं को पांच साल के लिए नौकरी दी जाएगी। यह लोग विशेष पुलिस दस्ते में शामिल रहेंगे। इन्हें स्थायी रूप से 25-25 हजार रुपए के वेतन पर रखा जाएगा। नक्सली क्षेत्र के बालाघाट में पुलिस रेंज बनाया गया। इस रेंज में बालाघाट, मंडला, डिंडौरी जिले भी शामिल हैं।

बताते हैं कि डिंडौरी के नक्सल प्रभावित बजाग, समनापुर और करंजिया थाना क्षेत्र के कई इलाके छत्तीसगढ़ सीमा से लगे हैं। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव है। विशेष दस्ते के जरिए सामुदायिक पुलिसिंग से नक्सली समस्याग्रस्त क्षेत्रों में लोगों के बीच पुलिस संवाद बनाने में भी काम करेगी।

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें