
Venezuela Crisis : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है जिसके तहत वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल बाजार मूल्य पर बेचने जा रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह तेल बाजार मूल्य पर ही प्रदान किया जाएगा और इससे होने वाली आय का नियंत्रण भी उनके पास रहेगा। इसका उपयोग दोनों देशों के लोगों के हित में किया जाएगा।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। तेल की आपूर्ति सीधे भंडारण जहाजों के माध्यम से अमेरिकी अनलोडिंग डॉक और बंदरगाहों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सके।
व्हाइट हाउस की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि इस सप्ताह शुक्रवार को ओवल ऑफिस में वेनेजुएला से जुड़े तेल कारोबार को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में एक्सॉन, शेवरॉन, और कोनोकॉफिलिप्स जैसी प्रमुख अमेरिकी तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में वेनेजुएला के तेल सौदे और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
वेनेजुएला के पास विश्व का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है, लेकिन फिर भी यह औसतन केवल 1 मिलियन बैरल तेल रोजाना उत्पादन करता है। तुलना करें तो अक्टूबर में अमेरिका का औसत तेल उत्पादन लगभग 13.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन था। यदि इस योजना के तहत अमेरिका वेनेजुएला से तेल खरीदता है, तो इसकी कीमत लगभग 56 डॉलर प्रति बैरल होगी, जिससे कुल मिलाकर यह करीब 2.8 अरब डॉलर का सौदा बन सकता है।
इस कदम का मकसद वेनेजुएला के तेल के क्षेत्र में अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी स्थिति सुदृढ़ करना है। साथ ही, यह रणनीति वेनेजुएला के वर्तमान राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी नीति का एक अहम हिस्सा बन गई है।
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